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चीन में डेटा चोरी की बड़ी वारदात, 1 अरब नागरिकों की डिटेल्स में लगी सेंध!

यह डेटा चोरी चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स Weibo और WeChat पर चर्चा का विषय बन गई.

चीन में डेटा चोरी की बड़ी वारदात, 1 अरब नागरिकों की डिटेल्स में लगी सेंध!

Wednesday July 06, 2022 , 2 min Read

हैकर्स ने शंघाई पुलिस के डेटाबेस से एक अरब चीन वासियों से संबंधित डेटा हासिल करने का दावा किया है. अगर इस हैकिंग की पुष्टि हो जाती है तो यह इतिहास में डेटा चोरी (Data Hacking) की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक होगी. ऑनलाइन हैकिंग प्लेटफॉर्म ‘ब्रीच फोरम्स’ पर पिछले सप्ताह एक पोस्ट में किसी ने ‘चाइनाडैन’ नामक हैंडल का इस्तेमाल करते हुए करीब 24 टेराबाइट डेटा बेचने की पेशकश की. उसने दावा किया कि यह जानकारी चीन के एक अरब लोगों से संबंधित है और दो लाख डॉलर मूल्य के 10 बिटकॉइन से जुड़ी है.

डेटा में कथित रूप से शंघाई राष्ट्रीय पुलिस के डेटाबेस की जानकारी है, जिनमें लोगों के नाम, पते, राष्ट्रीय पहचान संख्या और मोबाइल फोन आदि का विवरण है. ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डेटा के इस तरह के एक नमूने में नाम, जन्म तिथियां, आयु और मोबाइल नंबरों की सूची थी.

पोस्ट की प्रमाणिकता है संदिग्ध

उदाहरण के लिए एक नाम ‘‘2020 में जन्मे व्यक्ति’’ के तौर पर सूचीबद्ध है और आयु के सामने ‘1’ लिखा है जिससे पता चलता है कि डेटा में नाबालिगों की जानकारी भी है. हालांकि ‘एपी’ अभी डेटा के नमूनों की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका है. रॉयटर्स भी अभी तक ‘ब्रीच फोरम्स’ वाली पोस्ट की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका है.यह डेटा चोरी चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स Weibo और WeChat पर चर्चा का विषय बन गई. कई यूजर्स ने अपनी डिटेल्स की गोपनीयता को लेकर चिंता जताई. इसके बाद रविवार दोपहर तक Weibo ने "data leak" हैशटैग को ब्लॉक कर दिया था.

एशिया की 5 में से 3 कंपनियां साइबर हमले का शिकार

एक अन्य रिपोर्ट में यह कहा गया है कि एशिया की 5 में से 3 यानी करीब 64 फीसदी कंपनियों ने माना है कि उन पर साइबर हमला हुआ है. इसके बावजूद एशिया की 10 में से 7 कंपनियों ने कहा है कि वे साइबर अटैक के खिलाफ अपने सुरक्षा इंतजामों से संतुष्ट हैं. मार्श एवं माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प द्वारा प्रकाशित ‘स्टेट ऑफ साइबर रेजीलिएंस’ सर्वे रिपोर्ट में यह बात कही गई है. सर्वे में 660 उत्तरदाताओं ने भाग लिया था. 68 फीसदी कंपनियों ने प्राइवेसी ब्रीच और 58 फीसदी कंपनियों ने रैंसमवेयर को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया है.


Edited by Ritika Singh