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अघोषित जमा धन पड़ सकता है महंगा

अघोषित जमा पर 50 प्रतिशत दीजिए कर, अन्यथा पकड़े जाने पर चुकाने होंगे 85 प्रतिशत

अघोषित जमा धन पड़ सकता है महंगा

Tuesday November 29, 2016 , 4 min Read

सरकार ने कालाधन रखने वालों को एक और मौका दिया है। नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक अघोषित पुराने नोटों में नकदी के बारे में स्वेच्छा से घोषणा पर 50 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है। वहीं कर अधिकारियों द्वारा पता लगाने पर अघोषित संपत्ति पर उच्चतम 85 प्रतिशत तक कर लगाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के नोट पर पाबंदी की घोषणा के करीब तीन सप्ताह बाद वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आयकर कानून में संशोधन के लिये लोकसभा में एक विधेयक पेश किया। इसमें कोष के स्रोत के बारे में पूछताछ से भी छूट देने का प्रावधान किया गया है।

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प्रस्तावित संशोधित आयकर कानून में यह भी प्रावधान है कि घोषणा करने वालों को अपनी कुल जमा राशि का 25 प्रतिशत ऐसी योजना में लगाना होगा जहां कोई ब्याज नहीं मिलेगा। साथ ही इस राशि को चार साल तक नहीं निकाला जा सकेगा। 

नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानी को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच पेश विधेयक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (2016) का प्रस्ताव किया गया है। इसमें यह भी कहा गया है, कि जो लोग गलत तरीके से कमाई गई राशि अपने पास 500 और 1,000 के पुराने नोट में दबाकर रखें हुए थे और जो उसकी घोषणा करने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण (पीएमजीके) योजना 2016 के तहत इसका खुलासा करना होगा। उन्हें अघोषित आय का 30 प्रतिशत की दर से कर भुगतान करना होगा।

अघोषित आय पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। साथ ही पीएमजीके उपकर नाम से 33 प्रतिशत अधिभार (30 प्रतिशत का 33 प्रतिशत) लगाया जाएगा। इस प्रकार, कुल मिलाकर 50 प्रतिशत शुल्क देना होगा।

न्याया और समानता की दृष्टि से इस योजना में आयी राशि का उपयोग सिंचाई, आवास, शौचालय, बुनियादी ढांचा, प्राथमिक शिक्षा, प्राथमिक स्वास्थ्य तथा आजीविका जैसी परियोजनाओं में किया जाएगा।

जो लोग अघोषित नकदी के साथ पकड़े जाते हैं, उन पर 60 प्रतिशत की उंची दर से कर और उस पर 25 प्रतिशत अधिभार लगाया जाएगा। इस प्रकार, कुल कर 75 प्रतिशत बनता है। इसके साथ कर अधिकारी अधिकारी को उचित लगता है तो वह 10 प्रतिशत जुर्माना भी लगा सकता है।

आय को कम दिखाये जाने पर 50 प्रतिशत तथा गलत जानकारी देने पर 200 प्रतिशत कर लगाने का वर्तमान प्रावधान बना रहेगा और उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।

कालाधन कानून (दूसरा संशोधन विधेयक), 2016 शीषर्क इस विधेयक के माध्यम से आयकर कानून की धारा 115 बीबीई में संशोधन का प्रस्ताव करता है। यह धारा ऐसे कर्जों निवेश, नकद धन तथा अन्य संपत्ति पर दंडात्मक कर, अधिभार तथा जुर्माने से संबंधित है जिनको लेकर न कोई हिसाब न सफाई दी जा सके। ऐसे मामलों में मौजूदा 30 प्रतिशत कर के साथ अधिभार और उपकर के प्रावधान के विपरीत ऐसी संशोधन के जरिए 60 प्रतिशत की उच्च दर से कर लगाने का प्रस्ताव किय गया है। साथ ही कर का 25 प्रतिशत अधिभार (आय का 15 प्रतिशत) देना होगा। इस प्रकार, कुल कर भार 75 प्रतिशत होगा। इसमें खर्च, कटौती आदि काटने की अनुमति नहीं होगी।

आंकलन अधिकारी 10 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगा सकता है। इससे आय के बारे में जानकारी नहीं देने पर 85 प्रतिशत कर लगेगा।

तलाशी और जब्ती में जुर्माने के लिये मौजूदा प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है ताकि अगर आय को स्वीकार कर लिया जाता है, उसका ब्योरा दाखिल कर दिया जाता है और कर का भुगतान किया जाता तो ऐसे मामलों में कर की दर 30 प्रतिशत का जुर्माना लगाया जाएगा। अन्य मामलों में यह जुर्माना 60 प्रतिशत की दर से होगा।

आय को स्वीकार कर के और रिटर्न भर कर उस पर कर चुकाया जाता है तो तो जुर्माना 10 प्रतिशत है। अन्य सभी मामलों में जुर्माना 60 प्रतिशत होगा।

नई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 50 प्रतिशत कर, अधिभार और जुर्मान के अलावा घोषित आय का एक चौथाई चार साल के लिये ब्याज मुक्त जमा योजना में लगाया जाएगा।